बस्ती। यूजीसी के कथित काले कानून की वापसी और एससी-एसटी एक्ट में संशोधन की मांग को लेकर गांधी कला भवन परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष पिछले 75 दिनों से चल रहा मेधा का अनवरत धरना धनतेरस के दिन स्थगित कर दिया गया। मेधा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीनदयाल त्रिपाठी के नेतृत्व में चले इस आंदोलन के समापन के साथ ही संगठन ने संघर्ष को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने का ऐलान किया है।
मेधा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीनदयाल त्रिपाठी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि धरना स्थगित किया गया है, लेकिन संगठन की मांगों को लेकर आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। यूजीसी के कथित काले कानून की वापसी और एससी-एसटी एक्ट में संशोधन की मांग को लेकर चरणबद्ध तरीके से संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
मेधा नेता सुनील भट्ट ने बताया कि आगामी 10 जनवरी को देश के विभिन्न राज्यों के संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्य मांगों के समर्थन में दिल्ली पहुंचेंगे। वहां एकजुट होकर आंदोलन को निर्णायक दिशा देने और संघर्ष को व्यापक बनाने की रणनीति तैयार की जाएगी।
धरने के समापन अवसर पर उमेश पाण्डेय मुन्ना, रुद्र आदर्श पाण्डेय, बृजेश द्विवेदी, दीपक शुक्ल, राहुल तिवारी, विशाल सिंह, विपुल सिंह, अजय चौधरी और अंशू चौरसिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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