बस्ती। कक्षा शिक्षण को प्रभावी, रुचिकर और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में शुक्रवार को दो दिवसीय नवाचार एवं बेस्ट प्रैक्टिसेज उन्मुखीकरण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस दौरान कक्षा शिक्षण में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के प्रयोग को लेकर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ डायट प्राचार्य एवं उप शिक्षा निदेशक संजय कुमार शुक्ल ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।
उद्घाटन सत्र में संजय कुमार शुक्ल ने कहा कि नवाचार और तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से शिक्षण प्रक्रिया को सरल, रोचक और परिणामपरक बनाया जा सकता है। शिक्षकों को अपनी सफल शिक्षण पद्धतियों और नवाचारों को साझा करना चाहिए, ताकि दूसरे विद्यालयों के विद्यार्थी भी उनसे लाभान्वित हो सकें।
समग्र शिक्षा एवं एससीईआरटी के निर्देश पर आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को नवाचार और बेहतर शिक्षण विधियों से परिचित कराना है। प्राचार्य ने कहा कि शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में आईसीटी की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। परिषदीय विद्यालयों में उपलब्ध टैबलेट का प्रभावी उपयोग बच्चों की पढ़ाई को अधिक सहज और रुचिकर बनाने में मददगार होगा।
आईसीटी प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न ब्लॉकों के करीब 45 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। पुरुष संवर्ग में बस्ती सदर के राजेश कुमार चौधरी ने प्रथम, सल्टौआ के रजनीश ने द्वितीय और बहादुरपुर के अमरेंद्र सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिला संवर्ग में जया सिंह प्रथम रहीं। निर्णायक मंडल में सरिता चौधरी, मो. इमरान खान और डॉ. गोविन्द प्रसाद शामिल रहे।
इस अवसर पर प्रवक्ता वर्षा पटेल, डॉ. रविनाथ, अलीउद्दीन, कल्याण पांडेय सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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