महिला सम्मान के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा, सैकड़ों महिला कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालकर जताया आक्रोश
बस्ती। महिलाओं के सम्मान को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कांग्रेस जिला कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र के आह्वान पर हुए इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों महिलाओं ने पैदल मार्च निकालकर कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण में जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
जिला कार्यसमिति सदस्य चंदा श्रीवास्तव, पूर्व राज्य महिला आयोग सदस्य सुमन सिंह, जिला उपाध्यक्ष शालिनी मिश्र और शिवानी सिंह के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ताओं का हुजूम कांग्रेस जिला कार्यालय पहुंचा। यहां कार्यकर्ताओं ने ‘कांग्रेस मुर्दाबाद’, ‘राहुल गांधी होश में आओ’ और ‘महिला विरोधी कांग्रेस हाय-हाय’ के नारों से विरोध दर्ज कराया। जेएनयू प्रकरण को लेकर भी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए और महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व को घेरा।
- ‘नारी सम्मान से समझौता नहीं, अन्याय के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई’
पूर्व राज्य महिला आयोग सदस्य सुमन सिंह ने कांग्रेस पर महिलाओं के सम्मान की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के अपमान का रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि नारी सम्मान, न्याय और जवाबदेही के लिए उठी बुलंद आवाज है। महिलाओं के सम्मान पर चोट पहुंचाने वाले किसी भी रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्याय के खिलाफ और नारी गरिमा की रक्षा के लिए आवाज लगातार उठाई जाती रहेगी।
- महिला आरक्षण से लेकर नारी शक्ति के सम्मान तक कांग्रेस पर निशाना
सदर ब्लॉक प्रमुख राकेश श्रीवास्तव ने कांग्रेस को महिला विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के नेता कभी महिला आरक्षण का विरोध करते हैं तो कभी देश की नारी शक्ति का अपमान करते हैं। उन्होंने कहा कि देश की मातृशक्ति महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वाले रवैये को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। भाजपा नेताओं ने इसे महिलाओं के सम्मान, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से अपने रवैये पर जवाब देने की मांग की।
ये रहे मौजूद: रूबी, सीता देवी, कौशल्या, सीमा, कृष्णावती, अंशु, सुधा, शिवानी, शबनम, सीमा देवी, चिरैता देवी, गायत्री, सुनीता, बबिता, दुर्गावती, सुभवती, रेनू, खुशी, रोहिणी, तारा, साधना, मुस्कान, ज्योति, सानिया, गौरा देवी, रागिनी, शीला, सरस्वती, नीतू, लता देवी, मधु, पूनम, आशा, नीता, निमिषा, अमृत कुमार वर्मा, राजकुमार शुक्ल, अभिनव उपाध्याय और तारक जायसवाल सहित बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

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