गोरखपुर। रेल यात्रियों और कर्मचारियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा स्टेशनों, कार्यालयों और आवासीय कॉलोनियों में जल गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है। इसके तहत पानी की टंकियों, वाटर कूलर, फिल्टर, नलों और पाइपलाइनों की निगरानी के साथ रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
लखनऊ मंडल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मंडल चिकित्सालय बादशाहनगर डॉ. रमेश चन्द और अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) भुवनेश सिंह के संयुक्त निर्देशन में 21 प्रमुख स्टेशनों और चार मुख्य आवासीय कॉलोनियों में जल परीक्षण कराया गया। इस दौरान अवशिष्ट क्लोरीन के 251 तथा जीवाणु संवर्धन के 37 परीक्षण किए गए। जांच में सभी जल नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए।
इज्जतनगर मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर भी पेयजल की नियमित जांच की जा रही है। वहीं, वाराणसी मंडल में स्टेशनों, आवासीय कॉलोनियों, कोचिंग डिपो, चिकित्सालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, रनिंग रूम, क्रू लॉबी और कार्यालयों की जलापूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। इस दौरान पानी की टंकियों, वाटर कूलर, फिल्टर, पाइपलाइनों और पंपिंग प्रणाली की जांच की गई।
रेलवे के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षकों और स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए अवशिष्ट क्लोरीन, जीवाणु संवर्धन और रासायनिक परीक्षण नियमित रूप से किए जा रहे हैं। रेल प्रशासन के अनुसार, यात्रियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान पूर्वोत्तर रेलवे के सभी स्टेशनों, कार्यालयों और आवासीय कॉलोनियों में निरंतर जारी रहेगा।

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