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Friday, October 16, 2026

मंडलायुक्त के औचक निरीक्षण में उजागर हुई लापरवाही, कई कार्यालयों को 10 दिन की मोहलत


गोरखपुर। मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने शुक्रवार को विकास भवन के भूतल स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। इस दौरान कई कार्यालयों में गंदगी, बिखरी फाइलें, अनुपयोगी सामान और अभिलेखों के रखरखाव में खामियां मिलीं। पंचायत सचिवों एवं अन्य कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाएं वर्ष 2022 के बाद अपडेट नहीं किए जाने का मामला भी सामने आया। मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कमियां दूर करने के लिए 10 दिन की समयसीमा देते हुए व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान संयुक्त आयुक्त खाद्य कार्यालय की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। कार्यालय के बाहर पुरानी अलमारियां रखी थीं, जबकि लिपिक के कक्ष में फाइलें अव्यवस्थित पड़ी थीं। परिसर के बाहर कूड़े का ढेर और कार्यालय में लंबे समय से रंगाई-पुताई नहीं होने की स्थिति भी सामने आई।

इसके बाद मंडलायुक्त ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग का निरीक्षण किया। अधिशासी अभियंता विवेक प्रिय के टूर पर होने की जानकारी दी गई, लेकिन टूर रजिस्टर उपलब्ध नहीं मिला। कार्यालय में पुरानी कुर्सियां, फोटोकॉपी मशीन और अन्य अनुपयोगी सामान बेतरतीब ढंग से रखा था। एक संविदा कर्मी द्वारा तैयार किए गए स्टीमेट में प्रथम दृष्टया कमियां मिलने पर उन्होंने जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि 10 दिन बाद कार्यालय का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा।

- सेवा पुस्तिकाएं अपडेट नहीं, कार्यालय में जमा मिला अनुपयोगी सामान

जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण में पुराने रजिस्टर, फाइलें, कंप्यूटर कार्टेज और खाली डिब्बे रखे मिले। स्थान की कमी के बावजूद अनुपयोगी सामान हटाने की व्यवस्था नहीं की गई थी। पंचायत सचिवों और अन्य कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाएं वर्ष 2022 के बाद अपडेट नहीं की गई थीं। मंडलायुक्त ने जिला पंचायत राज अधिकारी सौम्य प्रताप सिंह को सभी कमियां 10 दिन में दूर करने के निर्देश दिए।

- दिव्यांग पेंशन और जनसुविधाओं पर जोर

एक दिव्यांग व्यक्ति की पेंशन नहीं मिलने की शिकायत पर मंडलायुक्त ने जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी पात्र दिव्यांगजनों को समय से पेंशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में भी गंदगी, टूटे फर्नीचर और कबाड़ की समस्या मिली। मंडलायुक्त ने जिला पूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह को 10 दिन के भीतर साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और बाहरी परिसर की व्यवस्था दुरुस्त कराने को कहा।

- फरियादियों की सुविधा के लिए बनेगी हेल्प डेस्क

मंडलायुक्त ने मुख्य विकास अधिकारी को विकास भवन के भूतल की सफाई, पेयजल और शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। आगंतुकों के बैठने के लिए कुर्सियां लगाने और प्रवेश द्वार के पास हेल्प डेस्क स्थापित करने को भी कहा, ताकि फरियादियों को संबंधित विभाग और पटल की जानकारी आसानी से मिल सके।

मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि कार्यालयों में स्वच्छता, अभिलेखों का सुव्यवस्थित रखरखाव और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। निर्धारित समयसीमा में कमियां दूर नहीं होने पर दोबारा निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।

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