पुलिस के अनुसार, वन विभाग मेंहदावल रेंज बेलहरकला के कर्मचारी 3 अक्टूबर को अवैध कटान की सूचना पर जंगल दशहर पहुंचे थे। आरोप है कि मौके पर मौजूद सदरे आलम और मो. फारुख ने वन विभाग की टीम के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। इस दौरान वादी गोविन्द त्रिपाठी का गला दबाकर जान से मारने का प्रयास करने तथा बचाव में आए अन्य कर्मचारियों के साथ भी मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया।
मामले में बेलहरकला पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 294/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं एवं भारतीय वन अधिनियम की धारा 26 में मुकदमा दर्ज किया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 4 अक्टूबर को जंगल दशहर निवासी सदरे आलम (40) और मो. फारुख (33) को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए रवाना किया गया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एक लकड़ी का मुगदर बरामद किया है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी मेहदावल और थानाध्यक्ष बेलहरकला के पर्यवेक्षण में की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में व0उ0नि0 वीरेन्द्र कन्नौजिया, हे0का0 बृजेश पाण्डेय, का0 मनीष चन्द यादव, का0 संतोष चौहान, का0 ओमप्रकाश चौरसिया और का0 नीरज कुमार शामिल रहे।

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