बस्ती। उत्तर प्रदेश मोती संवर्धन योजना के तहत मंगलवार को कार्यालय उप निदेशक मत्स्य, बस्ती मंडल में एक दिवसीय मोती पालन प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें चयनित लाभार्थियों और प्रगतिशील किसानों को मोती पालन की आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक, तालाब प्रबंधन और इसकी आर्थिक संभावनाओं की जानकारी दी गई।
मुख्य तकनीकी विशेषज्ञ आनंद त्रिपाठी, निदेशक एमएनआई एग्रोहब प्राइवेट लिमिटेड एवं पूर्व अपर निदेशक कृषि ने सीपों के चयन, रख-रखाव, न्यूक्लियस प्रत्यारोपण, मोती निर्माण प्रक्रिया और पालन स्थल की सुरक्षा के बारे में प्रशिक्षण दिया। इस दौरान सीप, प्राकृतिक मोती एवं संवर्धन में उपयोग होने वाली सामग्री का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।
सेवानिवृत्त उप निदेशक मत्स्य बीपी सिंह ने तालाब प्रबंधन और जल गुणवत्ता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पर्याप्त जल स्तर, प्राकृतिक आहार और घुलित ऑक्सीजन बनाए रखने की आवश्यकता बताई। पालन स्थल पर करीब छह फीट जल गहराई रखने और ऑक्सीजन की कमी होने पर एयरेटर के उपयोग की सलाह दी।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत चयनित लाभार्थियों को इकाई संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। योजना में प्रत्येक लाभार्थी इकाई में 2,000 से 5,000 सीपों के संवर्धन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उप निदेशक मत्स्य आरके श्रीवास्तव ने किसानों से मोती पालन अपनाकर आय बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक और उचित प्रबंधन से मोती पालन आय का बेहतर माध्यम बन सकता है। कार्यक्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य संदीप कुमार वर्मा सहित मंडलीय अधिकारी, कर्मचारी और लाभार्थी मौजूद रहे।

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