ज्ञापन में अजीम ने आरोप लगाया कि गांव के विपक्षी पक्ष द्वारा उनके और परिवार के साथ जातिगत भेदभाव, गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं की जाती हैं। उन्होंने बताया कि 11 सितंबर को उनके भाई के मोबाइल पर गाली-गलौज और धमकी दी गई थी। मामले में गौर थाने पर लिखित शिकायत देने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
अजीम का आरोप है कि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि थाना प्रभारी द्वारा आरोपियों के पक्ष में रहते हुए मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा है। उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत देने की बात कही। उनका कहना है कि फोन कॉल समेत अन्य साक्ष्य उनके पास उपलब्ध हैं।
उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई और मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर को जिला प्रशासन के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने की तैयारी है।

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