31 अक्टूबर तक कैमरे लगाने के निर्देश, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी दूर से कर सकेंगे निगरानी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और आसपास के इलाकों में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने उद्योगों की निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है। अब उद्योगों में अतिरिक्त कैमरे लगाए जाएंगे, जिनके जरिए वहां इस्तेमाल किए जा रहे ईंधन और नियमों के पालन पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
आयोग के निर्देश के अनुसार उद्योगों को पहले से लगे कैमरों के अलावा अतिरिक्त कैमरे लगाने होंगे। इन कैमरों से ईंधन रखने के स्थान और मशीनों में ईंधन डालने वाले स्थान की लगातार निगरानी की जाएगी। जिन उद्योगों में गैस का इस्तेमाल होता है, वहां गैस मीटर भी कैमरे की निगरानी में रहेगा।
कैमरों से मिलने वाली तस्वीरें और वीडियो संबंधित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों तक पहुंचेंगे। इससे अधिकारी दूर बैठकर भी उद्योगों में इस्तेमाल हो रहे ईंधन की निगरानी कर सकेंगे। बिजली जाने की स्थिति में भी कैमरे और इंटरनेट व्यवस्था चालू रहे, इसके लिए पर्याप्त बैकअप की व्यवस्था करना उद्योगों की जिम्मेदारी होगी।
सभी उद्योगों को अतिरिक्त कैमरे 31 अक्टूबर 2026 तक लगाने होंगे। संबंधित प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को कैमरों से प्राप्त जानकारी की निगरानी के लिए आवश्यक व्यवस्था करनी होगी। निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की जानकारी संबंधित विभागों को 1 नवंबर 2026 तक आयोग को देनी होगी।
आयोग के अनुसार NCR में उद्योगों में कुछ निर्धारित ईंधनों के इस्तेमाल की ही अनुमति है। इसके बावजूद निरीक्षण के दौरान कई उद्योगों में प्रतिबंधित या अनधिकृत ईंधन का इस्तेमाल पाए जाने के मामले सामने आए हैं। इसी को देखते हुए ईंधन के इस्तेमाल की लगातार निगरानी की व्यवस्था की जा रही है।
दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो जाती है। उद्योगों से निकलने वाला धुआं भी प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में शामिल है। ऐसे में कैमरों की निगरानी का दायरा बढ़ाकर उद्योगों में ईंधन के इस्तेमाल और नियमों के अनुपालन पर नजर रखने की व्यवस्था की जा रही है। आयोग को उम्मीद है कि इससे नियमों के उल्लंघन की पहचान और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

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