बस्ती। एपीएन पीजी कॉलेज परिसर में मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध जताया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला भी फूंका गया।
प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची से नाम काटे जाने, कथित वोट चोरी, चुनावी प्रक्रिया में धांधली तथा पात्र मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित किए जाने जैसे आरोप लगाते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी सवाल उठाए।
प्रदर्शन के दौरान ‘वोट चोरी बंद करो’, ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ और ‘मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े Form-6 में किए गए बदलावों पर भी सवाल उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए और प्रत्येक योग्य नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
पुतला दहन के दौरान थाना कोतवाली पुलिस मौके पर मौजूद रही। पुलिस कर्मियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कराया।
प्रदर्शन में प्रदेश सचिव उमाशंकर त्रिपाठी, NSUI जिलाध्यक्ष प्रशांत पाठक, सुधीर यादव, संकेत चौधरी, आलोक रावत, रवि चौधरी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

No comments:
Post a Comment