बस्ती। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आयोजित तीन दिवसीय आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण का बुधवार को समापन हो गया। प्रशिक्षण में शिक्षकों को डिजिटल लर्निंग, समावेशी शिक्षा, कक्षा-कक्ष प्रबंधन और नवाचार आधारित शिक्षण की जानकारी दी गई। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
डायट प्राचार्य एवं उप शिक्षा निदेशक संजय कुमार शुक्ल ने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। शिक्षक सशक्त होंगे तो समाज समृद्ध होगा। उन्होंने शिक्षकों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षण को रुचिकर, गतिविधि आधारित और प्रभावी बनाने का आह्वान किया।
वरिष्ठ प्रवक्ता महेंद्र नाथ त्रिपाठी ने कहा कि प्रशिक्षण से शिक्षकों को नई शिक्षण विधियों और नवाचारों को समझने का अवसर मिलता है। इनके प्रभावी उपयोग से बच्चों की सीखने की क्षमता और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी एवं प्रवक्ता अमन सेन ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान शिक्षण-अधिगम सामग्री के उपयोग, बच्चों में तार्किक क्षमता विकसित करने और कक्षा प्रबंधन के तरीकों पर जानकारी दी गई। समूह चर्चा, व्यावहारिक गतिविधियों और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। प्रतिभागी शिक्षकों ने सीखी गई तकनीकों को विद्यालयों में लागू करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर डॉ. गोविन्द प्रसाद, कल्याण पाण्डेय, डॉ. रविनाथ, अलीउद्दीन, वर्षा पटेल, शशि दर्शन त्रिपाठी सहित विभिन्न विकास खंडों के शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

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