बस्ती। लंबित मांगों के निस्तारण को लेकर उत्तर प्रदेश एड्स कंट्रोल सोसाइटी कर्मचारी संघ ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। बुधवार को संघ की अध्यक्ष ज्योत्सना गुप्ता और महामंत्री सपना सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने जिला चिकित्सालय सहित सीएचसी और पीएचसी पर दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने 10 सूत्रीय मांगों को पूरा करने की मांग उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
संघ ने घोषणा की है कि 15 अक्टूबर को लखनऊ के इको गार्डन पार्क में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 16 अक्टूबर से भूख हड़ताल शुरू करने के साथ प्रदेश में एचआईवी/एड्स से संबंधित सेवाएं स्थगित करने की चेतावनी दी गई है।
संघ की अध्यक्ष ज्योत्सना गुप्ता ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, नियमितीकरण होने तक नौकरी की सुरक्षा, 20 प्रतिशत अतिरिक्त मासिक पारिश्रमिक का भुगतान और 30 लाख रुपये के ग्रुप टर्म इंश्योरेंस की सुविधा शामिल है। इसके साथ ही पिछले तीन वर्षों में हटाए गए कर्मचारियों के पुनः समायोजन की मांग भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को अतिरिक्त अंक देने, आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट प्रदान करने, स्थानांतरण नीति लागू करने तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसी मांगें भी प्रमुख हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबित मांगों का समाधान होने से उन्हें सेवा संबंधी सुरक्षा और सुविधाएं मिल सकेंगी।
कार्य बहिष्कार में प्रदेश उप कोषाध्यक्ष श्रवण कुमार पाण्डेय, आलोक कुमार लाल, अर्चना श्रीवास्तव, सीमा गुप्ता, ममता पाठक, राज नारायण तिवारी, श्रीनाथ मणि, सुयश श्रीवास्तव और रितेश प्रताप सहित संघ के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।

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