मुख्य अतिथि वरिष्ठ चिकित्सक एवं साहित्यकार डॉ. वी.के. वर्मा ने काव्य पाठ करते हुए “वातावरण निराला कर दो, मौसम को मतवाला कर दो, कर्मठता का दीप जलाकर चारों तरफ उजाला कर दो” सुनाकर श्रोताओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
अध्यक्षता कर रहे डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ ने गांधी जी के व्यक्तित्व और विचारों को समर्पित पंक्तियां सुनाते हुए कहा, “सत्य अहिंसा को अपनाएं, राष्ट्र प्रेम का अलख जगाएं, अपने सद्कर्मों के बल पर गांधी राष्ट्रपिता कहलाए।”
कवि सम्मेलन में विनोद उपाध्याय ‘हर्षित’, डॉ. अफजल हुसेन ‘अफजल’, दीपक सिंह प्रेमी, जगदम्बा प्रसाद भावुक, राहुल चौहान, हरिकेश प्रजापति, डॉ. पारस वैद्य, सागर गोरखपुरी, के.के. उपाध्याय सहित अन्य कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी। कवियों की रचनाओं में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सरोकार और गांधी-शास्त्री के आदर्शों की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने कवियों की प्रस्तुतियों की सराहना की।

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