गोरखपुर। जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के तहत गोरखपुर में जनसंख्या गणना की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसके अंतर्गत 16 से 30 नवंबर 2026 तक आमजन ऑनलाइन स्वगणना के माध्यम से अपने परिवार का विवरण स्वयं दर्ज कर सकेंगे। वहीं, एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर पहुंचकर जनसंख्या गणना करेंगे। इस कार्य के लिए जिले में कुल 10,512 प्रगणक एवं सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे। पांच से नौ जनवरी तक पुनरीक्षण का कार्य होगा।
शनिवार को पर्यटन भवन स्थित सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी दीपक मीणा ने जनगणना के कार्यक्रम और तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहली बार जनगणना की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न कराई जा रही है। इसका उद्देश्य जनसंख्या की सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय स्थिति से जुड़े प्रमाणिक आंकड़े जुटाना है, जो भविष्य की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी नीतियों का आधार बनेंगे।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण में 22 मई से 20 जून 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य पूरा कराया जा चुका है। अब दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। इसके लिए आमजन को 16 से 30 नवंबर तक स्वगणना की सुविधा दी गई है। परिवार के मुखिया या कोई सदस्य https://se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर परिवार के सभी सदस्यों का विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी, जिसे घर पहुंचने वाले प्रगणक को दिखाना होगा। प्रगणक इसी आधार पर दर्ज जानकारी का सत्यापन करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वगणना वैकल्पिक है। जो परिवार ऑनलाइन विवरण दर्ज नहीं कर पाएंगे, उनकी गणना प्रगणक घर पहुंचकर करेंगे। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्वगणना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति गणना से वंचित न रहे।
- 40 सवालों के माध्यम से जुटाई जाएगी जानकारी
जिलाधिकारी ने बताया कि जनसंख्या गणना के लिए निर्धारित प्रश्नावली में कुल 40 प्रश्न शामिल हैं। इनमें परिवार के प्रत्येक सदस्य का नाम, आयु, लिंग, जन्मतिथि, जन्मस्थान, वैवाहिक स्थिति, धर्म, मातृभाषा, शिक्षा, रोजगार, आजीविका, प्रवासन, दिव्यांगता और बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंच से संबंधित जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा वर्तमान एवं पूर्व निवास स्थान सहित अन्य जनसांख्यिकीय विवरण भी दर्ज किए जाएंगे।
- व्यक्तिगत जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय
उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान उपलब्ध कराई गई व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत व्यक्तिगत अभिलेखों को कानूनी संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि प्रगणकों को सही और पूर्ण जानकारी दें। साथ ही आगाह किया कि किसी भी व्यक्ति को बैंकिंग पासवर्ड, एटीएम पिन, यूपीआई पिन अथवा ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी है।
प्रेसवार्ता में मुख्य विकास अधिकारी एवं अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी त्रिपुरारी शाश्वत, नगर आयुक्त अजय जैन, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जय प्रकाश, जनगणना निदेशालय लखनऊ के संयुक्त निदेशक ए.के. राय, मंडल प्रभारी हेमंत वर्मा, उप निदेशक अजय कुमार, सह जिला प्रभारी वैशाली शुक्ला एवं जिला प्रभारी शैलेन्द्र कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जनगणना संबंधी सहायता के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1855 और व्हाट्सएप चैटबॉट 18001801855 जारी किया गया है।

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