वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति के ऑफलाइन आवेदन बंद किए जाने और ऑनलाइन प्रक्रिया की जटिलताओं के विरोध में सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन बस्ती दो नवंबर को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन करेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बुधवार को पेंशनर्स कक्ष में एसोसिएशन की कोर कमेटी की बैठक जिलाध्यक्ष नरेंद्र बहादुर उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई। संचालन जिला मंत्री उदय प्रताप पाल ने किया।
बैठक में जिलाध्यक्ष नरेंद्र बहादुर उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक अक्टूबर से सेवारत और सेवानिवृत्त राज्य कर्मचारियों के चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति के ऑफलाइन आवेदन स्वीकार करना बंद कर दिया है। इससे बुजुर्ग पेंशनरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें साइबर कैफे के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, इसके बावजूद ऑनलाइन प्रक्रिया जटिल होने के कारण आवेदन नहीं हो पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष अमरनाथ यादव ने पेंशनर सलाहकार समिति के अध्यक्ष और अपर मुख्य सचिव, वित्त के समक्ष ऑनलाइन प्रक्रिया की कठिनाइयों को उठाया था। उस समय ऑफलाइन आवेदन स्वीकार करने की व्यवस्था बहाल करने का आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ है। इससे नाराज प्रांतीय नेतृत्व ने सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
जिला मंत्री उदय प्रताप पाल ने पेंशनरों से दो नवंबर के धरने में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।
बैठक में इंजीनियर रामचंद्र शुक्ल, दिनेश चंद्र पांडेय, चंद्रप्रकाश पांडेय, सुरेशधर दूबे, अशोक कुमार मिश्र, प्रेमशंकर लाल श्रीवास्तव, रामकुमार पाल, शिवगोविंद श्रीवास्तव, राजदेव यादव, विश्वदेव दूबे, वंशीधर पांडेय, छोटेलाल यादव सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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