कलवारी, बस्ती। कलवारी-टांडा पुल से गुरुवार को सरयू नदी में छलांग लगाने वाले 18 वर्षीय विपिन यादव की तलाश शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। स्थानीय गोताखोरों के बाद अब 30वीं वाहिनी पीएसी, गोंडा की बाढ़ राहत टीम ने सर्च अभियान की कमान संभाल ली है। मोटरबोट और अन्य संसाधनों के जरिए नदी के संभावित क्षेत्रों में लगातार तलाश की जा रही है, लेकिन शनिवार देर शाम तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका।
लगातार तीन दिन तक विपिन का पता नहीं चलने से आक्रोशित परिजनों ने शनिवार को कलवारी-टांडा पुल पर बैठकर जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे तक आवागमन बाधित रहने से पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक नगर राम प्रसाद यादव, थानाध्यक्ष दुबौलिया जीवन त्रिपाठी समेत कलवारी, नगर और दुबौलिया थानों की पुलिस मौके पर पहुंची।
प्रभारी निरीक्षक कलवारी संतोष कुमार, क्षेत्राधिकारी कलवारी बृजेश सिंह और उपजिलाधिकारी बस्ती सदर प्रमोद कुमार ने परिजनों को समझाकर सर्च अभियान तेज कराने का भरोसा दिया। इसके बाद परिजनों ने जाम समाप्त कर दिया और आवागमन बहाल हो सका।
परिजनों ने अधिकारियों से अभियान में और तेजी लाने के साथ ही कलवारी-टांडा पुल के दोनों ओर रेलिंग पर सुरक्षा जाली लगाने की मांग की। उनका कहना था कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुल पर सुरक्षा के ठोस इंतजाम जरूरी हैं।
दुबौलिया थाना क्षेत्र की उमरिया चौकी अंतर्गत सेमरा मुस्तहकम गांव निवासी विपिन यादव (18) पुत्र मूलचंद यादव उर्फ मोल्हू गुरुवार को अपने बुआ के बेटे शिवम के साथ कलवारी-टांडा पुल पर घूमने गया था। इसी दौरान उसने अचानक पुल से सरयू नदी में छलांग लगा दी थी।
घटना के बाद कलवारी पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई। बाद में 30वीं वाहिनी पीएसी, गोंडा की बाढ़ राहत टीम ने सर्च अभियान संभाला। पीसी कमलेश कुमार के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी रामप्रकाश साहनी, आरक्षी अरशद खान, रोहित कुमार, सुधीर निषाद, गिरीश चन्द और उपेन्द्र कुमार मोटरबोट व अन्य संसाधनों के साथ नदी में तलाश कर रहे हैं। शनिवार देर शाम तक लगातार प्रयास के बावजूद विपिन का पता नहीं चल सका।


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