<!--Can't find substitution for tag [blog.voiceofbasti.page]--> - Voice of basti

Voice of basti

सच्ची और अच्छी खबरें

Breaking

वॉयस ऑफ बस्ती में आपका स्वागत है विज्ञापन देने के लिए सम्पर्क करें 9598462331

Monday, September 14, 2026

मछली पालन से बढ़ेगी किसानों की आय, तकनीक से आत्मनिर्भर बन रहा असम


एक्वा टेक पार्क में पत्रकारों ने देखी आधुनिक मत्स्य पालन की तकनीकें

वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता

गुवाहाटी/सोनापुर। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत पीआईबी द्वारा उत्तर प्रदेश के पत्रकारों को असम की संस्कृति, विरासत, आधुनिकता, व्यापार और तकनीकी विकास से रूबरू कराया जा रहा है। केलांग कपिली एक्वा टेक पार्क का उदघाटन असम के सीएम हेमन्त विश्वशर्मा ने 12 जुलाई 2025 को किया है। सोमवार को पत्रकारों के दल ने सोनापुर के बागीबाड़ी स्थित एक्वा टेक पार्क का भ्रमण किया और आधुनिक तकनीक के जरिए मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के प्रयासों को करीब से देखा।

एक्वा टेक पार्क में मत्स्य पालन को किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है। पार्क में मछली पालन के साथ फ्लोटिंग सोलर प्लांट की तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया। इससे मत्स्य पालन के साथ बिजली उत्पादन को बढ़ावा देने की संभावनाएं दिखाई गईं। अधिकारियों के अनुसार, ऐसी पहल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने में सहायक हो सकती है।

क्लोंग-कोपिली के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ज्योतिष तालुकदार ने पत्रकारों को पार्क की विभिन्न गतिविधियों और तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पार्क का मुख्य उद्देश्य किसानों और युवाओं को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों से जोड़ना तथा प्रशिक्षण के माध्यम से उत्पादन और आय बढ़ाने के लिए सक्षम बनाना है।

फिशरी टेक्निकल एक्सपर्ट अश्लेषा श्रबोर्नि ने बताया कि पार्क में एक्वापोनिक्स, बायोफ्लॉक, आधुनिक मत्स्य उत्पादन और सजावटी मछली पालन जैसी तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है। बायोफ्लॉक तकनीक के जरिए कम पानी में अधिक मछली उत्पादन की संभावनाएं दिखाई गई हैं, जबकि एक्वापोनिक्स में मछली पालन और पौधों की खेती को एकीकृत किया जाता है।

एक्वा टेक सेंटर में देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले किसानों और मत्स्य पालकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षणार्थियों के लिए रहने और भोजन की व्यवस्था भी उपलब्ध है। यह पहल असम में मत्स्य आधारित आजीविका को मजबूत करने के साथ युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


No comments:

Post a Comment

Pages