गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे में चल रहे ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान के तहत गुरुवार को गोरखपुर क्षेत्र में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को लेकर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘स्वच्छता में सहभागिता’ एवं ‘स्वच्छ भारत-विकसित भारत’ थीम पर आयोजित कार्यक्रमों में रेलवे कर्मचारियों के साथ विद्यार्थियों और आमजन ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
गोरखपुर के रेलवे गर्ल्स इंटर कॉलेज, हायर सेकेंडरी स्कूल और सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चित्रकला एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। विद्यार्थियों ने चित्रों और अपने विचारों के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ भारत की अवधारणा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को न्यू कोचिंग डिपो, गोरखपुर का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यहां उन्हें वॉटर रीसाइक्लिंग प्लांट में इस्तेमाल किए गए पानी के उपचार और दोबारा उपयोग की प्रक्रिया दिखाई गई। कोच वाशिंग प्लांट में ट्रेनों के कोचों की आधुनिक सफाई व्यवस्था तथा बायो-टॉयलेट की कार्यप्रणाली की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों को जल संरक्षण और पर्यावरण के अनुकूल रेलवे की तकनीकों से परिचित कराया गया।
रेलवे कॉलोनियों में ‘पुराना सामान, किसी के काम’ की भावना के साथ लोगों को पुरानी किताबें, खिलौने और उपयोग में न आने वाले कपड़े जरूरतमंदों को देने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के दौरान इन सामग्रियों का संग्रह भी किया गया।
वहीं, गोरखपुर जंक्शन पर आयोजित नुक्कड़ नाटक ने यात्रियों का ध्यान आकर्षित किया। कलाकारों ने नाटक के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाने, कचरे का उचित निस्तारण करने और स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। यात्रियों और रेल कर्मचारियों ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्वक देखा।
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडलों में भी इसी थीम के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अधिकारियों के अनुसार ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ का उद्देश्य स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखकर जनभागीदारी के माध्यम से स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल परिवेश का निर्माण करना है।

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