वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। आर्य समाज नई बाजार बस्ती में आयोजित वेद प्रचार अभियान के पांचवें दिन आदित्य नारायण गिरि के नेतृत्व में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ कराते हुए रुक्मिणी जोशी ने कहा कि प्रत्येक गृहस्थ के लिए उसका परिवार सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए। जहां परिवार के सदस्य एक-दूसरे की सेवा और रक्षा में लगे रहते हैं, वही सच्चे अर्थों में परिवार कहलाता है।
उन्होंने कहा कि जो अपने पितरों को वृद्धावस्था के कष्टों रूपी नरक से बचाता है, उसी को पुत्र कहा जाता है। वेदमंत्रों की व्याख्या करते हुए उन्होंने पत्नी के कर्तव्यों पर भी प्रकाश डाला। कहा कि नवविवाहिता को अपने से बड़ी स्त्रियों की सुश्रुषा करनी चाहिए, उनकी बातें सुनकर उचित होने पर उनका पालन करना चाहिए। समान आयु की स्त्रियों के प्रति सखी का भाव रखना, पति का क्रोध बढ़ाने वाली बातें न करना, धन बढ़ने पर अभिमान से बचना तथा संतान का उचित निर्माण करना गृहस्थ जीवन के महत्वपूर्ण दायित्व हैं। भजनोपदेश के माध्यम से सुखी गृहस्थ जीवन के सूत्र भी बताए गए।
आचार्य सुरेश जोशी ने सत्संग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वेद पढ़ने के चार मुख्य लाभ हैं। इससे मन सात्विक होकर वश में रहता है, व्यक्ति सुखपूर्वक सो सकता है और अनिद्रा, तनाव व अवसाद से दूर रहता है। उन्होंने निष्पाप धन लाभ तथा निर्द्वंद्व और निष्कलंक जीवन को भी वेद अध्ययन का लाभ बताया।
कार्यक्रम में देवव्रत आर्य ने संध्या वंदन एवं भजन प्रस्तुत किया। आर्य समाज नई बाजार बस्ती के प्रधान ओम प्रकाश आर्य ने बताया कि जन-जन तक वेद एवं वैदिक संस्कृति का प्रचार कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। इसी उद्देश्य से दिन में परिवारों और विद्यालयों में कार्यक्रम तथा सायंकालीन सत्र आर्य समाज सत्संग भवन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की पूर्णाहुति 12 सितंबर को होगी।
इस अवसर पर योगेश शुक्ल, प्रधानाचार्य श्रीकृष्ण पाण्डेय इंटर कॉलेज, महिमा आर्य, उपेन्द्र आर्य, विश्वनाथ, गणेश आर्य, धर्मेंद्र कुमार, साक्षी कुमारी, मोहित, रवनीत, अनीता जायसवाल, राजेन्द्र जायसवाल, रवि बाबू, शंकर जायसवाल, दिलीप कसौधन, राम अग्रवाल, स्नेह सेठी, उमा आर्य, अनिल पंसारी, अशोक आर्य, ब्रह्मानंद पुरोहित और चंदन आर्य सहित अनेक लोग मौजूद रहे।


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