वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बक्सा (असम)। बक्सा जिले में स्थापित एरी सिल्क स्पिनिंग मिल पूर्वोत्तर में एरी रेशम के उत्पादन, सिल्क मार्केटिंग एवं विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मिल की उत्पादन क्षमता 2,625 किलोग्राम है और वर्तमान में यहां 44 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें करीब आधी महिलाएं हैं।
देश में वर्ष 2025-26 के दौरान अनुमानित 500 मीट्रिक टन एरी रेशम का निर्यात हुआ, जिसका मूल्य करीब 230 करोड़ रुपये आंका गया है। इसी अवधि में लगभग 50 मीट्रिक टन मूगा रेशम का निर्यात हुआ, जिसका अनुमानित मूल्य 100 करोड़ रुपये रहा। इस तरह एरी और मूगा रेशम का कुल अनुमानित निर्यात मूल्य करीब 330 करोड़ रुपये रहा, जबकि देश का कुल रेशम निर्यात 3,578.76 करोड़ रुपये का रहा।
मीडिया दल के दौरे के दौरान NEHHDC के एरी सिल्क स्पिनिंग के उप प्रबंधक बिपुल महंत तथा एरी सिल्क स्पिनिंग मिल के धीरेन ठाकुरिया ने मिल की उत्पादन प्रक्रिया और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एरी रेशम के प्रसंस्करण एवं विपणन के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
एरी सिल्क स्पिनिंग मिल की उत्पादन क्षमता 2,625 किलोग्राम है। मिल में वर्तमान में 44 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें लगभग आधी संख्या महिलाओं की है। इससे रेशम उत्पादन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं।
भारत में प्रमुख रूप से चार प्रकार के रेशम—मूगा, एरी, पाट और तसर—का उत्पादन किया जाता है। इनमें असम का मूगा रेशम अपनी प्राकृतिक सुनहरी चमक के लिए तथा एरी रेशम अपनी विशिष्ट बनावट और उपयोगिता के लिए देश-विदेश में पहचान रखता है।


No comments:
Post a Comment