वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। स्वामी दयानंद विद्यालय सुरतीहट्टा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की पूर्व संध्या पर वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ के माध्यम से विद्यार्थियों को योगेश्वर श्रीकृष्ण के जीवन एवं आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक आदित्य नारायण गिरि ने यज्ञ संपन्न कराया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक ने कहा कि योगेश्वर श्रीकृष्ण का चरित्र अत्यंत उज्ज्वल, निष्कलंक और पुरुषोत्तम का है। महाभारत के ऐतिहासिक प्रमाणों के आधार पर वे आदर्श आप्त पुरुष, महान राजनीतिज्ञ, वेद-वेदांग के ज्ञाता और धर्मसंस्थापक माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन श्रेष्ठ ब्रह्मचर्य का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने महर्षि सांदीपनि के गुरुकुल में रहकर विभिन्न विद्याओं का गहन अध्ययन किया था। सुदामा के साथ उनकी अटूट मित्रता सामाजिक समता का संदेश देती है।
प्रधान आर्य समाज नई बाजार बस्ती ओम प्रकाश आर्य ने कहा कि श्रीकृष्ण योगेश्वर थे, उन्हें केवल ‘रास रचैया’ कहकर कलंकित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने भी ‘सत्यार्थ प्रकाश’ में श्रीकृष्ण के इतिहास को अत्यंत उत्तम बताया है।
उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया गीता का उपदेश निष्काम कर्म की प्रेरणा देता है। विद्यार्थियों को फल की चिंता किए बिना अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ना चाहिए। श्रीकृष्ण के आदर्शों को आत्मसात कर विद्यार्थी अपने जीवन को श्रेष्ठ बना सकते हैं।
कार्यक्रम में अनूप कुमार त्रिपाठी, अरविन्द श्रीवास्तव, नितीश कुमार, दिनेश मौर्य, महक मिश्रा, शिवांगी गुप्ता, अनीशा मिश्रा, महिमा, गुंजा देवी, ज्योति सोनी, स्वपनल, अंशिका पाण्डेय सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

No comments:
Post a Comment