चार सेवा प्रदाता कर्मचारियों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज, निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू
वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। उपसंभागीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ), बस्ती में फर्जी एवं नियम विरुद्ध तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाने के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जांच समिति की रिपोर्ट में 1017 ड्राइविंग लाइसेंस के बैकलॉग प्रथम दृष्टया कूटरचित अथवा व्यपदिष्ट पाए गए हैं। इन सभी लाइसेंसों को निलंबित कर दिया गया है और अब इनके निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
मामले में परिवहन कार्यालय में तैनात सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारियों की भूमिका भी प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई है। जांच में सामने आया कि संबंधित कार्मिकों द्वारा समुचित अभिलेखीय परीक्षण किए बिना ही इन ड्राइविंग लाइसेंसों की स्क्रूटनी की गई। जांच समिति ने डाटा का परीक्षण करने के बाद अपनी जांच आख्या परिवहन आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई थी।
जांच आख्या के आधार पर अधिकारियों ने माना कि सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर संगठित रूप से और दुरभिसंधि के तहत नियम विरुद्ध कार्य किया गया, जो जनहित के विरुद्ध है। परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), बस्ती माला बाजपेयी की ओर से मामले में पुलिस कार्रवाई कराई गई।
इस क्रम में सेवा प्रदाता कंपनी के कार्मिक पंकज यादव, प्रवीण यादव, अभय पाण्डेय और सुफियान अहमद के विरुद्ध थाना कोतवाली, जनपद बस्ती में भारतीय न्याय संहिता-2023 की विभिन्न धाराओं 319(2), 318(4), 338, 336(3) एवं 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों और नियमों की अनदेखी करने वाले संबंधित कार्मिकों में हड़कंप मचा है। विभाग अब निलंबित किए गए 1017 लाइसेंसों के अभिलेखों की प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई कर रहा है।

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