जानकारी के अनुसार, 21 अगस्त को नाबालिग बालिका अपनी बुआ के साथ घर से बाहर गई थी। काफी समय बीतने के बाद दोनों के वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 22 अगस्त को परिजनों की सूचना पर कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा दर्ज कर दोनों की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई।
मोबाइल साथ न होने के बावजूद पुलिस ने तलाशा सुराग
दोनों अपने साथ मोबाइल फोन नहीं ले गई थीं, जिससे उनकी तलाश पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण थी। इसके बावजूद कोतवाली खलीलाबाद पुलिस और सर्विलांस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर संभावित स्थानों की जानकारी जुटाई। लगातार प्रयासों के बाद दोनों के दूसरे राज्य में मौजूद होने का सुराग मिला। इसके आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को सकुशल बरामद कर लिया।
पूछताछ में दोनों ने घर से नाराज होकर दूसरे राज्य चले जाने की बात बताई। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद दोनों को उनके परिजनों को सौंप दिया। दोनों के सकुशल वापस मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली खलीलाबाद जयप्रकाश दूबे के नेतृत्व में की गई।
बरामदगी टीम में उपनिरीक्षक विनय कुमार पाण्डेय, चौकी प्रभारी तामेश्वरनाथ, आरक्षी मनीष प्रभात और महिला आरक्षी नीतू शामिल रहीं।

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