वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। उत्तर प्रदेश सरकार ने कारखानों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों में जोखिम आधारित निरीक्षण प्रणाली लागू की है। इसके तहत औद्योगिक प्रतिष्ठानों को कम, मध्यम और उच्च जोखिम की श्रेणियों में विभाजित किया गया है। शासन का उद्देश्य निरीक्षण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के साथ ही प्रतिष्ठानों में श्रम कानूनों और तकनीकी मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना है।
व्यवस्था के तहत कम जोखिम वाले प्रतिष्ठानों के लिए स्वप्रमाणन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वहीं मध्यम जोखिम श्रेणी के प्रतिष्ठानों के लिए तृतीय पक्षकार संपरीक्षा योजना (थर्ड पार्टी ऑडिट) लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत शासन द्वारा श्रम कानून एवं तकनीकी ऑडिटर फर्मों का पंजीकरण किया गया है, ताकि औद्योगिक प्रतिष्ठान अपनी इच्छा से विशेषज्ञ संस्थाओं के माध्यम से ऑडिट करा सकें।
सहायक श्रम आयुक्त सचिन कुमार सिंह ने मंडल के सभी संबंधित औद्योगिक प्रतिष्ठानों से शासन की इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठान स्वैच्छिक रूप से अपना ऑडिट कराकर श्रम कानूनों, सुरक्षा प्रावधानों तथा तकनीकी मानकों के अनुपालन की स्थिति का आकलन कर सकते हैं। इससे कमियों की समय रहते पहचान कर उन्हें दूर करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने औद्योगिक प्रतिष्ठानों से निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करते हुए तृतीय पक्षकार संपरीक्षा योजना में भाग लेने का आग्रह किया।

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