वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में यात्रियों और रेलकर्मियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पेयजल व्यवस्था की नियमित निगरानी की जा रही है। मंडल के रेलवे स्टेशनों, कार्यालयों, डिपो, चिकित्सालयों और रेलवे कॉलोनियों में पानी की गुणवत्ता की जांच के साथ जलापूर्ति से जुड़े उपकरणों का नियमित रखरखाव कराया जा रहा है।
पेयजल व्यवस्था के तहत हैंडपंप, वाटर वेंडिंग मशीन, जल टंकियों, वाटर कूलर, फिल्टर, यूवी एवं आरओ सिस्टम तथा पाइपलाइनों की समय-समय पर जांच और सर्विसिंग की जा रही है। चिकित्सा एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इन व्यवस्थाओं का अनुरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है।
जल की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा नियमित परीक्षण किए जाते हैं। पानी में अवशिष्ट क्लोरीन की जांच प्रतिदिन क्लोरोस्कोप से की जाती है, जबकि बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण प्रत्येक सप्ताह एचआई-मीडिया किट्स के माध्यम से कराया जाता है। इसके अलावा पानी के नमूनों का रासायनिक विश्लेषण प्रत्येक छह माह में राज्य सरकार की प्रयोगशाला से कराया जा रहा है।
रेल प्रशासन की ओर से जल टंकियों, कूलर, फिल्टर और पाइपलाइनों की सफाई पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। मंडल का उद्देश्य यात्रियों एवं रेल परिवार को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के साथ जलजनित संक्रमणों के जोखिम को कम करना है।

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