वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। प्रसिद्ध समाजसेवी, वरिष्ठ चिकित्सक एवं साहित्यकार डॉ. वी.के. वर्मा को उनके साहित्यिक योगदान के लिए साहित्य मंडल, श्रीनाथद्वारा, राजस्थान की ओर से ‘काव्य शिरोमणि सम्मान’ से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि पर साहित्यिक संस्था अदबी संगम की ओर से डॉ. वर्मा के सम्मान में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ ने की। उन्होंने कहा कि डॉ. वी.के. वर्मा को प्रकृति ने विलक्षण प्रतिभा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि ‘मानवता के स्वर’, ‘काव्य मुखी’, ‘युग चित्र’, ‘भावानुभूति’, ‘काव्य सौरभ’, ‘भाव मंथन’, लघुकथा संग्रह ‘सोच’, कहानी संग्रह ‘उत्कर्ष’, ‘कोविड-19 काव्य संग्रह’ तथा ‘सिद्धार्थ से तथागत’ जैसी कृतियों की रचना सहज कार्य नहीं है। डॉ. वर्मा ने चिकित्सक और साहित्यकार, दोनों क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. वी.के. वर्मा ने कहा कि वे जिन परिस्थितियों और अनुभूतियों को महसूस करते हैं, उन्हें काव्य के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने बताया कि तथागत गौतम बुद्ध पर रचित उनके महाकाव्य ‘सिद्धार्थ से तथागत’ को पाठकों की निरंतर सराहना मिल रही है। उन्होंने कहा कि सम्मान से बेहतर दायित्वों के निर्वहन के लिए नई रचनात्मक ऊर्जा मिलती है।
डॉ. वर्मा को सम्मान मिलने पर अनवार हुसैन पारसा, डॉ. अफजल हुसैन ‘अफजल’, दीपक सिंह प्रेमी, डॉ. राजेंद्र सिंह ‘राही’, राहुल कुमार चौहान, परवेज हाशमी, डॉ. त्रिभुवन प्रसाद मिश्र, श्याम प्रकाश शर्मा, विनोद उपाध्याय, डॉ. आर.एन. चौधरी, डॉ. आर.जी. सिंह, जगदंबा प्रसाद ‘भावुक’, सागर गोरखपुरी सहित अनेक साहित्यकारों, चिकित्सकों एवं समाजसेवियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई दी।

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