गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा और रेल संपत्ति की रक्षा के साथ अवैध सामान की तस्करी एवं आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का अभियान लगातार जारी है। 20 और 21 सितंबर को विभिन्न स्थानों पर की गई कार्रवाई में 11 किलो चरस, 45 बोतल अंग्रेजी शराब और चोरी के पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस दौरान पत्थरबाजी की घटनाओं में शामिल दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।
20 सितंबर को आरपीएफ ऐशबाग व बाराबंकी, अपराध आसूचना शाखा लखनऊ तथा राजकीय रेलवे पुलिस बाराबंकी की संयुक्त टीम ने गाड़ी संख्या 19038 से 11 किलोग्राम चरस बरामद कर जब्त की। वहीं 21 सितंबर को आरपीएफ कप्तानगंज ने गाड़ी संख्या 15212 से तस्करी की जा रही 10 अंग्रेजी शराब की बोतलें बरामद कीं। अपराध आसूचना शाखा गोरखपुर ने गाड़ी संख्या 14006 से 35 बोतल अंग्रेजी शराब जब्त की।
इसी क्रम में आरपीएफ, जीआरपी बनारस और अपराध आसूचना शाखा वाराणसी की संयुक्त टीम ने प्लेटफार्म संख्या आठ पर निगरानी के दौरान यात्रियों के सामान की चोरी करने वाले एक आरोपी को चोरी के पांच मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया।
गोरखपुर में भी रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी देवरिया सदर तथा अपराध आसूचना शाखा भटनी की संयुक्त कार्रवाई में गोरखपुर छावनी-कुसम्ही स्टेशन के बीच ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं में शामिल दो आरोपियों को नंदानगर से गिरफ्तार किया गया।
वहीं ‘बचपन बचाओ अभियान’ के तहत आरपीएफ ने लखनऊ जंक्शन और सीतापुर स्टेशन पर लावारिस हालत में मिले चार वर्षीय बच्ची और 10 वर्षीय बालक को सुरक्षित संरक्षण में लेकर संबंधित चाइल्ड लाइन को सुपुर्द किया। बस्ती में ट्रेन से अपने परिजन से बिछड़ी 55 वर्षीय महिला को भी आरपीएफ ने सुरक्षित उसके पुत्र के सुपुर्द कर दिया।
रेलवे सुरक्षा बल की इन कार्रवाइयों से जहां ट्रेनों में अवैध गतिविधियों पर निगरानी मजबूत हुई है, वहीं यात्रियों की सुरक्षा और जरूरतमंद बच्चों एवं यात्रियों की मदद के प्रति भी आरपीएफ की सक्रियता सामने आई है।

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