वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। अखिल भारतीय राज्य पेंशनर फेडरेशन एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर 12 सूत्रीय मांगों को लेकर 29 सितंबर को बस्ती के पेंशनर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन बस्ती की कोर कमेटी की बैठक पेंशनर कक्ष में जिलाध्यक्ष नरेंद्र बहादुर उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई। संचालन जिला मंत्री उदय प्रताप पाल ने किया।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि 29 सितंबर को देशभर के जिला मुख्यालयों पर कर्मचारी, शिक्षक एवं राज्य सरकार के सेवानिवृत्त पेंशनर एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। बस्ती में सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में धरना शुरू होगा तथा दोपहर दो बजे प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया जाएगा। इस दौरान सभा भी आयोजित होगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आठवें वेतन आयोग के नोटिफिकेशन में पेंशनरों को शामिल नहीं किए जाने से उनमें रोष है। उन्होंने सभी कर्मचारी एवं शिक्षक पेंशनरों से बड़ी संख्या में धरने में शामिल होने की अपील की। जिला मंत्री उदय प्रताप पाल ने बताया कि धरने में अन्य कर्मचारी संगठनों के भी शामिल होने की संभावना है।
प्रमुख मांगों में वित्त विधेयक 2025 में तिथि के आधार पर पेंशनरों के साथ भेदभाव समाप्त कर उन्हें आठवें वेतन आयोग के दायरे में शामिल करना, पुरानी पेंशन बहाल करना, पेंशन राशिकरण की कटौती 15 वर्ष के बजाय 10 वर्ष में बंद करना, 65 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर प्रत्येक वर्ष पेंशन में पांच प्रतिशत वृद्धि, कोरोना काल में फ्रीज किए गए डीए/डीआर का भुगतान, पेंशन को आयकर सीमा से बाहर रखने तथा वरिष्ठ नागरिकों को पूर्व की भांति रेल किराये में छूट देने की मांग शामिल है।
बैठक में सुरेशधर दूबे, श्रीगोपाल त्रिपाठी, हरिवंश उपाध्याय, रामकुमार लाल, अखिलेश कुमार सिंह, दिनेश चन्द्र श्रीवास्तव, रामजियावन पाण्डेय, चन्द्रप्रकाश पाण्डेय, छोटेलाल यादव, विद्यासागर वर्मा, सुरेन्द्रनाथ उपाध्याय, प्रेमशंकर लाल श्रीवास्तव, अंगिरा प्रसाद चौधरी, राधेश्याम तिवारी, जंगबहादुर, किशोरी लाल, रामदुलारे, सिद्धनाथ चौधरी, अशोक कुमार मिश्र, देवनारायन प्रजापति, विशुनचन्द श्रीवास्तव, दिनेश चन्द्र पाण्डेय, ओम प्रकाश मिश्र आदि मौजूद रहे।

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