गोरखपुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की ओर से चिकित्सा प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन किए जाने पर प्रदेश सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया गया। गुरुवार को डिप्लोमा इंजीनियर संघ भवन में परिषद की बैठक अध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शासन द्वारा 9 सितंबर 2026 को जारी शासनादेश के तहत चिकित्सा प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया को डिजिटल किए जाने पर चर्चा की गई।
अध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव ने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि भुगतान की प्रक्रिया को 45 कार्यदिवस के भीतर पूरा किए जाने की व्यवस्था की गई है। इससे मेडिकल क्लेम के निस्तारण में पारदर्शिता और समयबद्धता आएगी।
मदन मुरारी ने कहा कि अब कर्मचारियों को भौतिक रूप से कागजात प्रस्तुत करने की बाध्यता से राहत मिलेगी और बिना भागदौड़ के मेडिकल क्लेम का निस्तारण हो सकेगा। उन्होंने इसे कर्मचारियों के हित में सरकार का महत्वपूर्ण कदम बताया।
इंजीनियर सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि जनहित स्वास्थ्य पोर्टल और ई-एचआरएमएस कोड के माध्यम से प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बनाया गया है। अनूप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पारदर्शी एवं समयबद्ध ऑनलाइन व्यवस्था से कर्मचारियों का समय बचेगा और अनावश्यक भागदौड़ पर रोक लगेगी।
परिषद ने कर्मचारियों की इस लंबे समय से चली आ रही मांग को प्रमुखता से उठाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया के पत्रकारों और छायाचित्रकारों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। परिषद ने कर्मचारियों से अपील की कि वे पोर्टल पर सही विवरण दर्ज कर नई व्यवस्था का लाभ उठाएं और अपने चिकित्सा दावों का समय से निस्तारण कराएं।
बैठक में मंडल अध्यक्ष गोविंद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित श्याम नारायण शुक्ल, संरक्षक अशोक पांडे, सौरभ श्रीवास्तव, अनूप कुमार श्रीवास्तव, अनिल द्विवेदी, राजेश मिश्रा, इजहार अली, सुमाष पांडेय, रामधनी पासवान, नरेंद्र कुमार, चंद्र प्रकाश सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

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