कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पी.एन. सिंह ने कहा कि आजादी की अलख जगाने में वन्दे मातरम् की भूमिका अतुलनीय रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को वन्दे मातरम् के इतिहास, इसकी रचना तथा स्वतंत्रता आंदोलन में इसके योगदान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में लोगों के भीतर राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का कार्य किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बुद्ध संस्था समूह, गीडा के महानिदेशक एवं एमएमएमयूटी के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. गोविंद पाण्डेय ने कहा कि “वन्दे मातरम् भारत की आत्मा है।” उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् केवल गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना, मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और स्वतंत्रता संग्राम की गौरवपूर्ण स्मृतियों से जुड़ी भावनात्मक अभिव्यक्ति है।
- दीनदयाल जयंती पर भी हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती भी श्रद्धापूर्वक मनाई गई। श्रीमती प्रियंवदा सिंह ने उनके जीवन और विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अपना जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। उनके विचार आज भी सेवा, समर्पण और कर्तव्यबोध की प्रेरणा देते हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह ने अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, स्वतंत्रता आंदोलन की गौरवगाथा और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उप प्रधानाचार्य राम केवल शर्मा ने अतिथियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य एस.एन. कुशवाहा ने किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ देशप्रेम के मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।

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