बस्ती। आगामी त्योहारों, परीक्षाओं और संभावित धरना-प्रदर्शन को देखते हुए जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। अपर जिला मजिस्ट्रेट ज्ञानचन्द्र गुप्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश 25 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर रोक लगा दी है। किसी भी सभा, जुलूस अथवा सार्वजनिक कार्यक्रम के आयोजन से पहले संबंधित उप जिला मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अपर जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा, अनंत चतुर्दशी, गांधी जयंती, महाराजा अग्रसेन जयंती, दशहरा, महर्षि वाल्मीकि जयंती, सरदार वल्लभ भाई पटेल एवं आचार्य नरेंद्रदेव जयंती, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज एवं चित्रगुप्त जयंती, छठ पूजा तथा गुरु नानक जयंती एवं कार्तिक पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्वों के मद्देनजर आदेश लागू किया गया है। इसके अलावा संभावित परीक्षाओं, जुलूस, धरना, प्रदर्शन और हड़ताल को भी ध्यान में रखा गया है।
आदेश के तहत अवैध एवं प्रतिबंधित हथियारों के साथ चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। लाइसेंसी शस्त्र धारक भी खुलेआम हथियार लेकर नहीं चल सकेंगे। किसी व्यक्ति को हथियार रखने या कानून व्यवस्था प्रभावित करने के लिए उकसाने पर भी कार्रवाई होगी।
परीक्षा केंद्रों के आसपास 100 मीटर की परिधि में विशेष प्रतिबंध लागू रहेगा। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, पेजर, कैलकुलेटर, पेन स्कैनर अथवा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर और उसके आसपास धरना, प्रदर्शन, घेराव, चक्का जाम एवं हड़ताल को प्रतिबंधित किया है। राजनीतिक दलों, धार्मिक संगठनों, सरकारी कर्मचारियों और मान्यता प्राप्त संगठनों के ऐसे आयोजनों पर भी रोक रहेगी, जिनसे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने अथवा किसी वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचने की आशंका हो।
कार्यक्रमों में डीजे, लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जाएगा। ड्यूटी पर तैनात सरकारी अधिकारी-कर्मचारी, सिख समुदाय की कृपाण, बुजुर्ग एवं दिव्यांगों की छड़ी या लाठी, शवयात्रा और वैवाहिक कार्यक्रम इस आदेश से मुक्त रहेंगे। हालांकि ध्वनि विस्तारक यंत्रों के लिए पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धारा 163 के आदेश का उल्लंघन दंडनीय अपराध होगा।
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