बस्ती। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, यूजीसी के नए रेग्यूलेशन 2026 को वापस लेने समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर मेधा पार्टी का गांधीकला भवन परिसर स्थित बापू प्रतिमा के निकट चल रहा धरना रविवार को 14वें दिन भी जारी रहा। धरने को संबोधित करते हुए मेधा पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता दीन दयाल त्रिपाठी ने कहा कि पार्टी गरीबों को मुफ्त शिक्षा का अधिकार दिलाने के अभियान को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारों ने शिक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किया तो पार्टी निर्णायक आंदोलन करने को बाध्य होगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा में समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना पार्टी की प्राथमिकता है। मेधा पार्टी की प्रमुख मांगों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में एकल पदों पर आरक्षण व्यवस्था समाप्त किए जाने, यूजीसी रेग्यूलेशन 2026 वापस लेने, दशमोत्तर कक्षाओं में सभी जातियों के विद्यार्थियों को आर्थिक आधार पर शुल्क प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति की सुविधा देने की मांग शामिल है।
इसके अलावा निजी स्कूलों में 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत मुफ्त दाखिले की प्रक्रिया सरल बनाने, शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में समान अवसर सुनिश्चित करने तथा अनुसूचित जाति-जनजाति के गरीब विद्यार्थियों को दशमोत्तर कक्षाओं में निजी शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों में निःशुल्क प्रवेश दिए जाने की मांग की गई।
त्रिपाठी ने कहा कि गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा और उनके अधिकार दिलाने के लिए पार्टी का संघर्ष लगातार जारी रहेगा। धरने में उमेश पाण्डेय मुन्ना, पं. सुनील भट्ट, संतोष शुक्ल, विशाल सिंह, गिरीश चंद्र गिरी, नागेंद्र मिश्र, दीपक, बृजेश द्विवेदी, हर्षित तिवारी, अजय कुमार चौधरी, राहुल त्रिपाठी, जावेद अहमद, विजय कुमार पाल, दिनेश कुमार चौधरी, देशबंधु शुक्ला, लक्ष्मण शुक्ल, मो. अनीस, निसार चौधरी, शकील खान समेत मेधा पार्टी के पदाधिकारी, सदस्य और विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद रहे।

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