बस्ती। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के राहत आयुक्त एवं अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद के निर्देश पर बुधवार को जनपद बस्ती में संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों, बाढ़ शरणालयों, राहत किट, संसाधनों की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों के समन्वय की समीक्षा की गई।
निरीक्षण दल ने संभावित बाढ़ प्रभावित तहसील हर्रैया और बस्ती सदर के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान स्थापित बाढ़ शरणालयों एवं मॉडल बाढ़ शरणालयों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, राहत व्यवस्था और आपदा के समय शरण लेने वाले लोगों के लिए की गई तैयारियों का जायजा लिया गया। हर्रैया तहसील के ग्राम बरसांव स्थित मॉडल बाढ़ शरणालय का भी निरीक्षण किया गया।
दल ने विकास खंड सल्टौआ गोपालपुर के ग्राम जिनवां का भी दौरा किया। राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र की रिपोर्ट में 21 जुलाई को गांव को जलमग्न दर्शाया गया था, जबकि स्थलीय निरीक्षण में पाया गया कि गांव में 20 एवं 21 जुलाई दोनों दिनों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति रही थी।
निरीक्षण के दौरान समुदाय स्तर पर नाविकों, तैराकों और गोताखोरों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें 30वीं वाहिनी पीएसी (फ्लड पीएसी) के अधिकारियों एवं जवानों ने भी भाग लिया। बैठक में संभावित बाढ़ के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव कार्य, स्थानीय समुदाय की भूमिका तथा बेहतर समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से पिछले 17 वर्षों के बाढ़ चेतावनी प्रतिवेदनों एवं बाढ़ आवृत्ति विश्लेषण पर आधारित पुस्तिका जिलाधिकारी एवं अपर आयुक्त को भेंट की गई। अधिकारियों ने बताया कि यह पुस्तिका भविष्य में बाढ़ प्रबंधन योजनाओं और चेतावनी तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने में उपयोगी सिद्ध होगी।
निरीक्षण के उपरांत संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखें, राहत एवं बचाव संसाधनों को सक्रिय अवस्था में बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इस दौरान उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आशीष शर्मा, परियोजना निदेशक (बाढ़) प्रशांत कुमार, प्रोजेक्ट एसोसिएट सहाना हेगड़े, मेट्रोलॉजिस्ट (यूएनडीपी) सहित अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) ज्ञान चन्द्र गुप्ता, आपदा विशेषज्ञ (बाढ़) रंजीत रंजन तथा राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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