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Thursday, August 27, 2026

वामपंथी कार्यकर्ताओं का निजी डेटा जुटाने के विरोध में भाकपा (माले) का प्रदर्शन


वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में वामपंथी दलों और जनसंगठनों के नेताओं-कार्यकर्ताओं का पुलिस एवं स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) द्वारा निजी डेटा जुटाए जाने के विरोध में भाकपा (माले) ने राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया। इसी क्रम में गोरखपुर में धरना-प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।

भाकपा (माले) के राज्य स्थायी समिति सदस्य कॉमरेड राजेश साहनी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय नागरिकों की निजी जानकारी जुटाने के नाम पर पुलिस और एलआईयू द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधार, पैन, बैंक खाते, पारिवारिक विवरण, संपत्ति और सोशल मीडिया गतिविधियों जैसी संवेदनशील जानकारियां मांगकर निगरानी का तंत्र खड़ा किया जा रहा है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसी जानकारी किस कानूनी आधार और किस उद्देश्य से एकत्र की जा रही है।

जिला सचिव कॉमरेड राकेश सिंह ने कहा कि गोरखपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यकर्ताओं से निजी दस्तावेज और व्यक्तिगत जानकारी मांगे जाने की शिकायतें गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक दल या जनसंगठन से जुड़ना अपराध नहीं है और राजनीतिक पहचान के आधार पर परिवार, संपत्ति, बैंक खातों अथवा सोशल मीडिया की जानकारी जुटाना स्वीकार्य नहीं है।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कई जिलों में फोन, व्हाट्सऐप संदेश और प्रोफार्मा के माध्यम से जानकारी देने का दबाव बनाया जा रहा है। कुछ स्थानों पर जानकारी उपलब्ध न कराने पर गिरफ्तारी और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दिए जाने की शिकायतें भी सामने आने की बात कही गई।

सभा का संचालन सुदामा भारती और मनोरमा चौहान ने किया। वक्ताओं ने निजता के अधिकार, लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं की रक्षा तथा राजनीतिक कार्यकर्ताओं की निगरानी और उत्पीड़न बंद करने की मांग उठाई।

कार्यक्रम में प्रभुनाथ सिंह, गुड्डू भारती, घूर्विन चौहान, बिसाती निषाद, आर.के. सिंह, मीनू प्रजापति, स्वाती यादव, सुदर्शन निषाद सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

भाकपा (माले) ने मांग की कि वामपंथी दलों एवं जनसंगठनों के नेताओं-कार्यकर्ताओं का निजी डेटा अथवा डोजियर जुटाने की कार्रवाई तत्काल बंद की जाए, उन्हें धमकाना रोका जाए और नागरिकों के निजता के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित की जाए। पार्टी ने विभिन्न जिलों से मिली शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने तथा बिना वैधानिक आधार के व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करने पर रोक लगाने की मांग की।

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