बस्ती। विमुक्ति दिवस के अवसर पर सोमवार को निषाद पार्टी के जिलाध्यक्ष अशोक निषाद एवं युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष धर्मराज निषाद के नेतृत्व में निषाद समाज के लोगों ने शास्त्री चौक क्षेत्र में प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, गृह सचिव भारत सरकार नई दिल्ली तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में विमुक्त जनजाति (डीएनटी) एवं निषाद वंश की उपजातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने तथा जातिगत जनगणना में समाज की वास्तविक स्थिति दर्ज किए जाने की मांग की गई। निषाद वंश की विभिन्न पर्यायवाची जातियों को जनगणना में एक ही नाम के अंतर्गत दर्ज करने तथा ‘मझवार’ के कॉलम में विमुक्त जनजाति (डीएनटी) का उल्लेख करने की मांग भी रखी गई, ताकि समाज की वास्तविक संख्या का सही आकलन हो सके।
निषाद समाज ने उत्तर प्रदेश में निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों को अन्य राज्यों की तर्ज पर अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने की मांग की। इसके साथ ही संविधान समीक्षा आयोग की सिफारिशों के अनुरूप विमुक्त जनजातियों को शिक्षा, नौकरी और राजनीति में आरक्षण के साथ पेंशन की सुविधा दिए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
प्रदर्शनकारियों ने वर्ष 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए निषाद वंश के सेनानियों के गांवों को ‘आदर्श शहीद गांव’ घोषित करने और उनके परिवारों को स्वतंत्रता सेनानी सम्मान दिए जाने की मांग भी उठाई।
ज्ञापन सौंपने के बाद जिलाध्यक्ष अशोक निषाद और युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष धर्मराज निषाद ने कहा कि निषाद समाज को राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि डॉ. संजय निषाद लगातार समाज के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निषाद समाज की जायज मांगें जल्द पूरी होंगी।
इस दौरान अजय कुमार निषाद, ज्ञान प्रकाश निषाद, हरिप्रसाद साहनी, पीताम्बर, गोरखनाथ निषाद, धनपत कुमार, बृजमोहन निषाद, प्रेमचंद निषाद, यमुना निषाद, विजय कुमार निषाद, रेनू निषाद, योगेंद्र कुमार गौतम, सोहनलाल, विजय कुमारी, बृजेश निषाद सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।


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