डॉ. गया प्रसाद शुक्ला को मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के क्षेत्र में अनुभव है। वह केजीएमयू लखनऊ के मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में एक्स-असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे में उनके बस्ती मेडिकल कॉलेज से जुड़ने को जिले में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- गोरखपुर-लखनऊ की दौड़ होगी कम
गैस्ट्रो विशेषज्ञ की उपलब्धता से अब पेट और पाचन तंत्र से जुड़ी जटिल बीमारियों के मरीजों को प्रारंभिक विशेषज्ञ परामर्श और उपचार के लिए दूसरे बड़े शहरों का रुख कम करना पड़ेगा। पेट दर्द, एसिडिटी, अल्सर, पीलिया, आंतों की बीमारी, लीवर संबंधी रोग और पाचन तंत्र की अन्य जटिल समस्याओं से पीड़ित मरीजों को मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह मिल सकेगी।
विशेषज्ञ की तैनाती से गंभीर मरीजों की बीमारी की समय से पहचान, जरूरी जांच और उपचार की दिशा तय करने में भी मदद मिलेगी। इससे मरीजों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी।
- आस-पास के जिलों के मरीजों को भी फायदा
डॉ. गया प्रसाद शुक्ला की तैनाती का लाभ केवल बस्ती ही नहीं, बल्कि संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर और आसपास के अन्य जनपदों से मेडिकल कॉलेज आने वाले मरीजों को भी मिलने की उम्मीद है। पेट और पाचन तंत्र की जटिल बीमारियों के मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ सेवा उपलब्ध होना क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करेगा।
मेडिकल कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार यादव ने बताया कि संस्थान में लगातार विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। उद्देश्य है कि मरीजों को बेहतर और विशेषज्ञ उपचार के लिए अनावश्यक रूप से दूसरे शहरों की ओर न जाना पड़े।
गैस्ट्रो विशेषज्ञ की तैनाती से बस्ती मेडिकल कॉलेज में पेट, आंत और लीवर से संबंधित मरीजों के उपचार की विशेषज्ञ सुविधा को नया विस्तार मिला है।

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