गोरखपुर। विद्या भारती द्वारा गोरखपुर में 27 से 29 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाले आगामी अखिल भारतीय विज्ञान मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में सरस्वती शिशु मंदिर (10+2) पक्कीबाग में दो दिवसीय प्रश्न पत्र निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला के पहले दिन विशेषज्ञों ने प्रश्न पत्र की गुणवत्ता, भाषा की शुद्धता और तार्किक प्रश्नों के समावेश पर विशेष जोर दिया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कान्हेरे ने कहा कि वर्तमान समय एआई और ई-लर्निंग का है। ऐसे में प्रश्न पत्र निर्माण के दौरान भाषा की स्पष्टता, व्याकरण की शुद्धता और विद्यार्थियों के मानसिक स्तर का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। प्रश्न न तो बहुत सरल हों और न ही अत्यधिक कठिन, बल्कि उनमें विद्यार्थियों की क्रिटिकल थिंकिंग और तार्किक क्षमता का आकलन करने की क्षमता होनी चाहिए।
विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचन्द्र ने कहा कि एआई और गूगल के दौर में विद्यार्थी और अभिभावक काफी जागरूक हैं। प्रश्न निर्माण में छोटी-सी त्रुटि भी प्रतियोगिता की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए प्रश्न पत्र तैयार करते समय पूरी सटीकता, सतर्कता और सावधानी बरतना आवश्यक है।
विद्या भारती के अखिल भारतीय विज्ञान संयोजक नागेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि प्रतियोगिता की शुचिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रश्न पत्र निर्माण में निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत पालन किया जाना चाहिए।
इससे पूर्व दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह ने अतिथियों का परिचय कराया। संचालन गोरखपुर संभाग निरीक्षक अजय दुबे ने किया। इस अवसर पर विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के सह क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ. राममनोहर, शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रान्त के प्रदेश निरीक्षक राम सिंह, बलिया संभाग निरीक्षक कन्हैया चौबे समेत देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए विज्ञान विषय के विशेषज्ञ और प्रश्न पत्र निर्माण में शामिल आचार्य-आचार्या मौजूद रहे।

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