वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। गौर विकास खंड के जलालाबाद गांव में राष्ट्रीय सवर्ण शक्ति मोर्चा की ओर से आयोजित जन जागृति आक्रोश चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिक्षा, आरक्षण, स्वास्थ्य व्यवस्था, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर नाराजगी जताई। मोर्चा अध्यक्ष रामजी पाण्डेय ने यूजीसी के कथित काले कानून को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि जनहित के मुद्दों की अनदेखी जारी रही तो आगामी चुनाव में भाजपा का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी और ई-20 पेट्रोल नीति जैसे विषयों पर सरकार से सुधार की मांग की।
मुख्य वक्ता रामप्रताप सिंह ने कहा कि नए प्रावधानों को लेकर सवर्ण समाज के बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता है। व्यापक जनसंवाद के बिना बदलाव लागू किए जाने से छात्रों और अभिभावकों में असंतोष है। अमितेष प्रताप सिंह ने शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता पर चिंता जताई। यशवंत सिंह रोलू ने कहा कि उच्च शिक्षा में लगातार बदलाव से युवाओं का विश्वास कमजोर हुआ है। प्रमोद सिंह ने शिक्षा व्यवस्था में छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। संगठन ने चेतावनी दी कि जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
चौपाल में प्रियतेष दूबे पिंटू, सिद्धार्थ तिवारी, जीत नारायण मिश्र, प्रेम शंकर राठौर, आशीष सिंह राठौर, जयसिंह राठौर, उदय प्रताप सिंह, रवि सिंह, यशवंत सिंह, साकेत त्रिपाठी और रवीन्द्र पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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