प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे इंजीनियर राजबहादुर निषाद ने कहा कि किसी संत द्वारा सार्वजनिक मंच पर इस तरह की कथित अभद्र भाषा का प्रयोग शोभनीय नहीं है। उन्होंने प्रशासन से राजू दास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर ठोस कार्रवाई किए जाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर निषाद समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के जिलाध्यक्ष पंकज निषाद, समाजवादी पार्टी पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव संदीप निषाद और आम आदमी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रामयज्ञ निषाद ने भी कथित बयान की निंदा की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंच पर अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किसी संत की गरिमा के अनुरूप नहीं है। नेताओं ने राजू दास को हनुमानगढ़ी से जुड़े पद से हटाए जाने की मांग भी की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निषाद समाज हमेशा प्रभु श्रीराम के सहयोग और सम्मान में खड़ा रहा है। ऐसे में समाज के किसी व्यक्ति के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का प्रयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस दौरान रामकृष्ण निषाद, अवधेश निषाद, सूर्या निषाद, पिंटू निषाद, विनोद निषाद, प्रतीक निषाद, सुरजीत निषाद, अनिल निषाद, सोमनाथ संत, आशुतोष निषाद, शुभम निषाद, रंजीत निषाद समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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