वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) द्वारा सेवारत एवं सेवानिवृत्त रेल कर्मियों के साथ-साथ अन्य भारतीय नागरिकों के लिए तकनीकी रेल विषयों पर हिंदी में मौलिक पुस्तकें लिखने के उद्देश्य से ‘लाल बहादुर शास्त्री तकनीकी मौलिक लेखन पुरस्कार योजना’ (आधार वर्ष-2025) संचालित की जा रही है। अखिल भारतीय स्तर पर लागू इस योजना के तहत तकनीकी रेल विषयों पर हिंदी में लिखी गई उत्कृष्ट पुस्तकों एवं कृतियों के लेखकों को पुरस्कृत किया जाएगा।
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले रेल कर्मी अपना मौलिक लेखन 18 अगस्त 2026 तक राजभाषा अधिकारी-सह-वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी/मुख्यालय, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी कार्यालय, पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर को भेज सकते हैं। वहीं सेवानिवृत्त रेलकर्मी अपनी प्रविष्टि दो मुद्रित अथवा दो टंकित प्रतियों के साथ 31 अगस्त 2026 तक निदेशक (राजभाषा), कमरा संख्या 376 (जी), रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड), रेल भवन, नई दिल्ली-110001 को भेज सकते हैं। निर्धारित अंतिम तिथि के बाद प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
योजना के तहत प्रस्तुत की जाने वाली पुस्तक सामान्यतः 100 पृष्ठ से कम नहीं होनी चाहिए तथा फॉन्ट का आकार 12 से अधिक नहीं होना चाहिए। पुस्तक का विषय रेल संचालन अथवा रेल प्रबंधन से संबंधित होना अनिवार्य है।
प्रतियोगियों को मौलिक लेखन के साथ निर्धारित प्रारूप में लेखक का नाम द्विभाषी रूप में, पदनाम, कार्यालय का नाम व पता, पुस्तक का नाम, विषय, प्रकाशक का नाम व पता, यदि कोई हो, पुस्तक लेखन पूरा करने की तारीख (माह-वर्ष), फोन/मोबाइल नंबर, ई-मेल तथा पुस्तक के पृष्ठों की संख्या का विवरण देना होगा। साथ ही घोषणा करनी होगी कि पुस्तक को पूर्व में किसी पुरस्कार से सम्मानित नहीं किया गया है, यह पुस्तक 1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2025 के बीच पहली बार लिखी गई है तथा इसके माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति के कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं होता है।
रेलवे बोर्ड द्वारा चयनित श्रेष्ठ पुस्तकों के लेखकों को प्रथम पुरस्कार के रूप में 20 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 10 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार 7 हजार रुपये और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। योजना का उद्देश्य रेल संचालन एवं प्रबंधन से जुड़े तकनीकी विषयों पर हिंदी में मौलिक लेखन को प्रोत्साहित करना और तकनीकी ज्ञान को हिंदी भाषा में अधिक व्यापक स्तर तक पहुंचाना है।
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