वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
संत कबीर नगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जनपद में इम्पैनल निजी अस्पतालों की गुणवत्ता, सेवाओं और मानकों की समीक्षा करते हुए निर्धारित मानकों का पालन न करने वाले अस्पतालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा गठित टीम की जांच रिपोर्ट की समीक्षा में 10 अस्पतालों की स्थिति असंतोषजनक पाई गई।
जांच में बिना पंजीकरण अस्पताल संचालन, चिकित्सकों की अनुपलब्धता, प्रशिक्षित स्टाफ का अभाव तथा अन्य आवश्यक मानकों का पालन न किए जाने जैसी गंभीर कमियां सामने आईं। इसके आधार पर सेहर मेमोरियल हॉस्पिटल, न्यू केयर हॉस्पिटल, न्यू मेडविन हॉस्पिटल, मुनमुन क्लीनिक एंड मैटरनिटी हॉस्पिटल, बालाजी हॉस्पिटल, जीवन रेखा हॉस्पिटल, सन्स हॉस्पिटल, एम गोल्ड हॉस्पिटल, केयर हॉस्पिटल तथा ओम साई हॉस्पिटल के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया ने बताया कि जनपद में आयुष्मान योजना के अंतर्गत 37 अस्पताल इम्पैनल हैं, जिनमें चार अस्पतालों को अब तक कोई दावा भुगतान नहीं मिला है। शेष अस्पतालों में सर्वाधिक दावा और भुगतान प्राप्त करने वालों में रजत हॉस्पिटल, एसआर हॉस्पिटल एंड पैरामेडिकल, शम्भूनाथ मेमोरियल, पटेल हॉस्पिटल तथा स्पर्श हॉस्पिटल शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने इन अस्पतालों के दावों एवं भुगतान की पुनः जांच अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित टीम से कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी अस्पतालों में दो सप्ताह के भीतर ऑपरेशन थिएटर के लिए डी-फिब्रिलेटर, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था तथा कम से कम दो निकासी मार्ग सुनिश्चित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मानक पूरे न करने वाले अस्पतालों को आयुष्मान योजना से डी-इम्पैनल करने की कार्रवाई की जाए।
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