वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
संत कबीर नगर। सर्वोच्च न्यायालय की मेडिएशन एंड कंसिलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी (एमसीपीसी) के मार्गदर्शन तथा माननीय जनपद न्यायाधीश के नेतृत्व में जिले में "मेडिएशन फॉर नेशन 3.0" विशेष मध्यस्थता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य ऐसे लंबित न्यायिक मामलों का सौहार्दपूर्ण, त्वरित एवं प्रभावी समाधान कराना है, जिनमें आपसी समझौते की संभावना मौजूद है।
अभियान के प्रथम चरण में 1 अगस्त 2026 से 30 सितंबर 2026 तक न्यायालयों में लंबित ऐसे वादों की पहचान की जाएगी, जिनका निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से संभव है। इस दौरान प्री-मेडिएशन स्क्रीनिंग, पक्षकारों को सूचना देना, जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना, उपयुक्त मामलों को मध्यस्थता केंद्रों को संदर्भित करना तथा अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
द्वितीय चरण में 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक चयनित मामलों में मध्यस्थता की प्रक्रिया संचालित की जाएगी। अभियान के अंतर्गत वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, चेक अनादरण, समझौतायोग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी वाद, बंटवारा, बेदखली, भूमि अर्जन, श्रम विवाद सहित अन्य उपयुक्त दीवानी मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारण कराने का प्रयास किया जाएगा।
मध्यस्थता एक स्वैच्छिक, सरल, त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण विवाद समाधान प्रक्रिया है, जिसमें पक्षकार आपसी सहमति से अपने विवाद का समाधान करते हैं। इससे न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम होने के साथ ही समय और धन की भी बचत होती है तथा पारिवारिक, सामाजिक एवं व्यावसायिक संबंध सुरक्षित बने रहते हैं।
जनसामान्य से अपील की गई है कि जिन मामलों में आपसी समझौते की संभावना हो, वे मध्यस्थता प्रक्रिया का लाभ उठाकर अपने विवादों का शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करें तथा "मेडिएशन फॉर नेशन 3.0" राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें।
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