बस्ती। समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को चार सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। सपा जिलाध्यक्ष एवं सदर विधायक महेन्द्र नाथ यादव के नेतृत्व में सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के विरुद्ध प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने, शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच कराने, छात्रों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की गई।
प्रदर्शन के बाद सपा जिलाध्यक्ष महेन्द्र नाथ यादव ने कहा कि सरकार छात्र और युवा विरोधी नीतियां अपना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है, जबकि अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
पूर्व विधायक राजमणि पाण्डेय, विधायक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी, कविन्द्र चौधरी 'अतुल' और दयाशंकर मिश्र सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए। उन्होंने मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित कार्रवाई पर पुनर्विचार करने और छात्रों के हितों की रक्षा की मांग की।
सपा नेताओं ने शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की संवैधानिक स्वतंत्रता की रक्षा पर जोर देते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत अन्य नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो समाजवादी पार्टी व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी।
प्रदर्शन में पूर्व विधायक राम जियावन, जावेद पिण्डारी, राजाराम यादव, मोहम्मद सलीम, यूनुस आलम, सौरभ मिश्र, प्रशांत यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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