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Saturday, July 11, 2026

भक्ति, शक्ति, शौर्य और बलिदान की अमर गाथा है पंजाबी साहित्य - डॉ. संजीत कुमार गुप्ता


गोरखपुर। उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के तत्वावधान एवं मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के सहयोग से शनिवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब में "पंजाबी साहित्य और राष्ट्रीय योगदान" विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने पंजाबी साहित्य की समृद्ध परंपरा, राष्ट्रनिर्माण में उसके योगदान तथा नई पीढ़ी तक उसकी विरासत पहुंचाने की आवश्यकता पर विस्तार से विचार व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि डीडीयू विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग के प्रोफेसर एवं जननायक विश्वविद्यालय, बलिया के पूर्व कुलपति डॉ. संजीत कुमार गुप्ता ने कहा कि पंजाबी साहित्य केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि भक्ति, शक्ति, शौर्य, त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम की अमर गाथा है। उन्होंने कहा कि मुगल काल से लेकर ब्रिटिश शासन और वर्तमान समय तक पंजाबी साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने का कार्य किया है। वीर रस और भक्ति रस की समृद्ध परंपरा ने पंजाबी साहित्य को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है, जिसका स्मरण भावी पीढ़ियों को सदैव करना चाहिए।
कार्यक्रम का शुभारंभ संयोजक जगनैन सिंह नीटू के स्वागत भाषण एवं विषय प्रस्तावना से हुआ। इसके बाद स्थायी लोक अदालत, सिविल कोर्ट के सदस्य एडवोकेट दलजीत सिंह, आयकर अधिवक्ता डी.एस. कोहली, सिख धर्म प्रचार विंग उत्तर प्रदेश की समन्वयक जसवीन कौर, धराधाम इंटरनेशनल के संस्थापक एवं मानद कुलपति डॉ. सौरभ पाण्डेय तथा मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष अरविंद कुमार राय ने विषय पर अपने विचार रखते हुए पंजाबी साहित्य के राष्ट्रीय और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया।
संगोष्ठी में गुरुद्वारा श्री भगत कबीर, मगहर की एडमिनिस्ट्रेटर परमजीत कौर राणा, गुरुद्वारा कंपनी बाग, बस्ती के अध्यक्ष हरि सिंह बबलू, गुरुद्वारा पैडलेगंज के अध्यक्ष कुलदीप सिंह नीलू, खत्री सभा गोरखपुर के अध्यक्ष हेमंत चोपड़ा तथा कैम्ब्रिज स्कूल के डायरेक्टर हरप्रीत सिंह साहनी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरुद्वारा जटाशंकर के अध्यक्ष जसपाल सिंह ने की। संचालन दिलजीत कौर ने किया, जबकि आभार ज्ञापन जगनैन सिंह नीटू ने व्यक्त किया। उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी की ओर से सभी अतिथियों एवं वक्ताओं को मेडल, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राजिंदर सिंह, जसबीर सिंह, स्वर्ण सिंह, प्रदीप सिंह, अमृतपाल सिंह, रसपाल सिंह, जोगेंद्र सिंह, हरजीत सिंह, अजीत सिंह, गगन मल्होत्रा, तेजिंदर सिंह, गुलाब सिंह, रविंदरपाल सिंह, हरमीत सिंह, सुरेंद्र कौर, मंजीत कौर, जसविंदर कौर, हरबंस कौर, मनी कौर, तेग सिंह, बलविंदर कौर और डॉ. सरिता सिंह सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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