महादेवा, बस्ती। राजस्थान के बीकानेर में करंट लगने से जान गंवाने वाले बस्ती जनपद के मुंडेरवा थाना क्षेत्र के उमरी गांव निवासी अग्निवीर नरेंद्र कुमार यादव का पार्थिव शरीर सोमवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही पूरा क्षेत्र शोक और गर्व की भावनाओं से भर उठा।
शव वाहन के गांव पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों के लोग सड़क किनारे एकत्र हो गए थे। पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही "नरेंद्र यादव अमर रहें", "जब तक सूरज-चांद रहेगा, नरेंद्र तेरा नाम रहेगा" और "अमर शहीदों का बलिदान, याद रखेगा हिंदुस्तान" जैसे गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। हजारों लोग शव वाहन के साथ पैदल चलते हुए अपने वीर सपूत को अंतिम श्रद्धांजलि देते रहे।
पैतृक आवास पर पार्थिव शरीर को पूरे सैन्य सम्मान के साथ रखा गया। सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। सेना के अधिकारियों, मुंडेरवा थानाध्यक्ष तथा दिवंगत के पिता ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
तिरंगे में लिपटे बेटे का पार्थिव शरीर देखकर परिजनों का धैर्य टूट गया। परिवार की चीख-पुकार से माहौल बेहद गमगीन हो गया। वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो उठीं। गांव के बाहर से लेकर पैतृक आवास तक हजारों लोग धूप में घंटों इंतजार कर अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन करने पहुंचे।
अग्निवीर नरेंद्र कुमार यादव की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रतीक रहा कि क्षेत्र ने अपने वीर सपूत को पूरे सम्मान और गर्व के साथ अंतिम विदाई दी। देशसेवा के प्रति उनका समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा क्षेत्रवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

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