गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद आगमन के दौरान उनसे स्थानीय जनसमस्याओं को अवगत कराने जा रहे जिला कांग्रेस कमेटी, गाजियाबाद के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस द्वारा रोक दिए जाने पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। पार्टी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सतीश शर्मा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री से मिलने के लिए निकलने से पहले ही पुलिस ने जिला कांग्रेस कार्यालय को घेर लिया और पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को कार्यालय के भीतर ही रोक दिया। उन्होंने दावा किया कि कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके आवासों पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) भी किया गया।
कांग्रेस के अनुसार, पूर्व मंत्री सतीश शर्मा को उनके आवास पर, लोनी शहर अध्यक्ष अजय शर्मा को लोनी में, रिंकू माथुर को महानगर कांग्रेस कार्यालय में, सुनील शर्मा को मोदीनगर में तथा दिनेश मेहता को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट किया गया।
सतीश शर्मा ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से जनता की समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है। उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन का उपयोग कर कांग्रेस नेताओं को रोकना संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जनता के हित में कार्य कर रही होती तो विपक्ष की बात सुनने से नहीं घबराती।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जनविरोधी नीतियों के कारण जनता के बढ़ते आक्रोश से भयभीत है और इसी वजह से विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि पार्टी लोकतंत्र, संविधान और जनाधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।
इस दौरान जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा, राजकुमार शर्मा, सुरेंद्र कुमार शर्मा, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सुशांत गोयल, जिला मीडिया प्रभारी आशुतोष गुप्ता, लक्ष्मण, उदय सिंह, पाल सिंह, अरविंद शर्मा, लोकेश चौधरी, पूर्व महानगर अध्यक्ष राजीव शर्मा, सुभाष पायलट, हरेंद्र सिंह बाबा, अक्षय वीर, अजय हितैषी, वीरभान सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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