गोरखपुर। तहसील खजनी में तहसीलदार न्यायिक का प्रभार हटने से न्यायिक कार्य प्रभावित होने और लंबे समय से अधिवक्ताओं की हड़ताल के बीच शुक्रवार को बार एसोसिएशन खजनी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी दीपक मीणा से मुलाकात कर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्य प्रकाश श्रीवास्तव (एडवोकेट) के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जनवरी 2026 से तहसीलदार न्यायिक का कार्य बाधित होने के कारण न्यायालय में लंबित मुकदमों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे वादकारियों को न्याय मिलने में देरी हो रही है और अधिवक्ताओं को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदार न्यायिक के लंबित मामलों को अन्य सक्षम न्यायालयों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए तथा कहा कि जनपद में तहसीलदारों की कमी है, लेकिन शासन स्तर पर नई तैनातियों की प्रक्रिया जारी है। नए अधिकारियों की नियुक्ति होते ही खजनी में न्यायिक व्यवस्था को सुचारु किया जाएगा।
डीएम ने अतिरिक्त जिलाधिकारी (प्रशासन) को भी पूरे मामले की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम (प्रशासन) से भी मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। एडीएम ने शासन और जिला प्रशासन के स्तर पर समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उमापति उपाध्याय, मंत्री अनुज आस्थाना, संयुक्त मंत्री आशुतोष दुबे, तहसील बार एसोसिएशन के महामंत्री चन्द्रमौलि कुमार शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईश्वर चन्द्र सिंह, संयुक्त मंत्री अजय कुमार सिंह, अनूप सिंह एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हालांकि जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल अधिवक्ताओं में सकारात्मक समाधान की उम्मीद जगी है।


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