वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
संत कबीर नगर। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव ने जनपद के समस्त पेस्टीसाइड विक्रेताओं, निर्माताओं, विपणन फर्मों तथा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से कीटनाशी रसायनों का विक्रय करने वाली इकाइयों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कीटनाशियों का निर्माण, आयात, भंडारण, विक्रय, वितरण एवं उपयोग भारत सरकार के कीटनाशी अधिनियम-1968 तथा कीटनाशी नियम-1971 के प्रावधानों के अनुसार ही किया जाए।
उन्होंने बताया कि सभी पंजीकृत विक्रेता अपने प्रतिष्ठान पर वैध लाइसेंस प्रदर्शित करें तथा केवल पंजीकृत एवं अनुमोदित कीटनाशियों का ही विक्रय करें। प्रत्येक बिक्री का अभिलेख नियमानुसार संधारित किया जाए और उत्पादों पर लेबल, बैच संख्या, निर्माण एवं समाप्ति तिथि सहित सभी आवश्यक विवरण स्पष्ट रूप से अंकित हों।
डॉ. यादव ने कहा कि संज्ञान में आया है कि कुछ विक्रेता एवं फर्में बिना वैध लाइसेंस के ई-कॉमर्स माध्यमों से कीटनाशी उत्पादों का विक्रय कर रही हैं, जो अधिनियम एवं नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म एवं वितरण एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि वे केवल लाइसेंसधारी एवं अधिकृत विक्रेताओं के उत्पादों को ही अपने प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराएं तथा आवश्यक अभिलेखों का सत्यापन सुनिश्चित करें।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही कीटनाशी खरीदें। यदि किसी ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से संदिग्ध, अपंजीकृत अथवा प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग या जिला कृषि रक्षा कार्यालय को दें। उन्होंने कहा कि कीटनाशियों का सुरक्षित एवं वैधानिक उपयोग किसानों, मानव स्वास्थ्य, पशुधन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
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