वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
नई दिल्ली। अल नीनो के संभावित प्रभाव और मानसून की अनिश्चितता को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हर सप्ताह उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर मानसून, खरीफ बुवाई और किसानों से जुड़े हालात की लगातार निगरानी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जून में देश में सामान्य से 33 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी, लेकिन जुलाई में स्थिति में सुधार हुआ है और वर्षा की कमी घटकर 24 प्रतिशत रह गई है। हाल के दिनों में अच्छी बारिश के चलते कम वर्षा वाले जिलों की संख्या 262 से घटकर 178 रह गई है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि अब तक 350.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 91.95 लाख हेक्टेयर कम है। मानसून में देरी से सोयाबीन और कपास की बुवाई प्रभावित हुई है। ऐसे में किसानों को मक्का, बाजरा और मूंग जैसी कम अवधि एवं कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की बुवाई की सलाह दी गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अप्रैल से ही संभावित स्थिति को देखते हुए तैयारी शुरू कर दी थी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के सहयोग से प्रभावित जिलों के लिए कंटिंजेंसी प्लान तैयार किए गए हैं। किसानों को राहत देने के लिए 1.75 लाख क्विंटल का राष्ट्रीय बीज भंडार सुरक्षित रखा गया है तथा किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से भी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार मजबूत रणनीति और पर्याप्त संसाधनों के साथ हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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