वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) की जिला इकाई का 11वां एक दिवसीय जिला सम्मेलन रविवार को प्रेस क्लब बस्ती में आयोजित हुआ। सम्मेलन में शिक्षा और रोजगार के संवैधानिक अधिकार, महंगी होती शिक्षा तथा उसके बढ़ते बाजारीकरण के विरोध में प्रस्ताव पारित किए गए। सम्मेलन के दौरान 11 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें शिवचरण निषाद को पुनः जिलाध्यक्ष और नवनीत यादव को दोबारा जिला मंत्री चुना गया।
सम्मेलन का उद्घाटन डीवाईएफआई के राज्य सचिव गुलाब चंद ने किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से शिक्षा और रोजगार के अवसर लगातार प्रभावित हो रहे हैं। युवाओं को शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी होगी।
जिला मंत्री नवनीत यादव ने राजनीतिक एवं सांगठनिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर प्रतिनिधियों ने चर्चा की। बहस के बाद रिपोर्ट सर्वसम्मति से पारित की गई। इसके बाद निर्वाचन सत्र में नई जिला कमेटी का गठन किया गया। हीरालाल को उपाध्यक्ष, वैदिक द्विवेदी को संयुक्त सचिव, सोनी कुमारी को कोषाध्यक्ष तथा नीलू गौंड, मोहन कुमार शर्मा, संतोष कुमार यादव और विद्यावती को जिला कमेटी का सदस्य चुना गया। दो पद रिक्त रखे गए।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए वरिष्ठ वामपंथी नेता एवं डीवाईएफआई के पूर्व जिलाध्यक्ष कामरेड के.के. तिवारी ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए युवाओं के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। वहीं सीपीआई के जिला सचिव अशर्फीलाल ने भी युवाओं, छात्रों, किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे।
सम्मेलन की अध्यक्षता शिवचरण निषाद एवं सोनी देवी के अध्यक्षमंडल ने की, जबकि संचालन नवनीत यादव ने किया।


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